पूर्व कांग्रेसी मंत्री का भतीजा पुलिस रिमांड पर:दलजीत गिलजियां की कार पर लगा मिला MLA का स्टीकर; लैपटॉप और पैन ड्राइव बरामद

Advertisement

पूर्व कांग्रेसी जंगलात मंत्री संगत सिंह गिलजियां के भतीजे दलजीत सिंह को कोर्ट ने 17 जुलाई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। इससे पहले दलजीत के चंडीगढ़ स्थित घर में रेड की गई। वहां से पुलिस को दलजीत की कार मिली। जिस पर MLA का स्टीकर लगा था। दलजीत न तो खुद MLA है और न ही उसका चाचा संगत गिलजियां चुनाव जीते। इसके बावजूद स्टीकर लगा मिलने पर पंजाब विजिलेंस ने इसकी भी जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा दलजीत के घर से विजिलेंस ने लैपटॉप और पैन ड्राइव भी जब्त किया है।

Advertisement

कल चंडीगढ़ से हुई थी गिरफ्तारी
उसे चंडीगढ़ के सेक्टर 37 से कल देर शाम अरेस्ट किया गया। शुरूआत जांच में सामने आया कि वह ठेकेदारों से वसूली के लिए बिचौले का काम करता था। इसके अलावा अफसरों की ट्रांसफर-पोस्टिंग, गैरकानूनी माइनिंग, ट्री गार्ड की खरीद, खैर के पेड़ों की कटाई का परमिट इश्यू करने, हाइवे के नजदीक कॉमर्शियल संस्थानों को सड़क बनाने के लिए NOC देने समेत विभाग के दूसरे कामों में वह रिश्वतखोरी करता था।

पूर्व जंगलात मंत्री संगत सिंह गिलजियां।
पूर्व जंगलात मंत्री संगत सिंह गिलजियां।

डायरी से खुले दलजीत गिलजियां के राज
विजिलेंस ब्यूरो के मुताबिक उनके हाथ एक डायरी लगी है। जिसमें दलजीत गिलजियां के करप्शन के सबूत हैं। विजिलेंस ने पहले जंगलात ठेकेदार हरमिंदर सिंह हौमी को गिरफ्तार किया था। उसने कबूल किया कि मोहाली जिले के नाडा में खैर की कटाई के परमिट के बदले कुलविंदर सिंह के जरिए संगत गिलजियां को 5 लाख की रिश्वत दी गई। उसने रेंज और ब्लॉक अफसर के साथ गार्ड को भी रिश्वत दी।

गिलजियां के मंत्री बनने के बाद करप्शन के सबूत मिले
विजिलेंस के मुताबिक सितंबर 2021 में संगत गिलजियां के जंगलात मंत्री बनने के बाद करप्शन के सबूत मिले हैं। यह सबूत जुबानी, दस्तावेजी और तकनीकि तौर पर उनके पास मौजूद हैं। इसी जानकारी से पता चला कि दलजीत मंत्री की तरफ से सरकारी और गैर सरकारी मामलों में सीधे तौर पर दखल देता था। वह अफसरों को सीधे तौर पर आदेश देता था।

वॉट्सऐप चैट भी मिली
विजिलेंस ब्यूरो को मंत्री के भतीजे दलजीत गिलजियां की वॉट्सऐप चैट भी मिली हैं। जो जंगलात विभाग के सीनियर अफसरों और ठेकेदारों के साथ की गई हैं। इससे पता चला कि भतीजे दलजीत ने सरकारी पेमेंट में भी अपने प्रभाव का इस्तेमाल किया। इसके अलावा वह ट्री गार्ड खरीदने, गैराकानूनी माइनिंग, पेड़ कटाई के लिए परमिट आदि में दखल देता था।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here