कपालमोचन व आदिबद्री का होगा कायाकल्प, तैयार हो रहा है मास्टर प्लान

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यमुनानगर के धार्मिक स्थल कपालमोचन व आदिबद्री का कायाकल्प होगा। इसके लिए मास्टर प्लान बनाया जा रहा है। नंवबर माह में कार्तिक पूर्णिमा पर कपालमोचन मेले में पूजा अर्चना के लिए सीएम मनोहरलाल आए थे। तब यहां पर साधु संतों ने सुविधाएं न होने का मुद्दा उठाया था। सीएम को ज्ञापन भी सौंपा था। सरोवरों में वर्षभर जल न होने, गंदगी के अलावा श्रद्धालुओं के ठहरने की सुविधा व निर्माण कार्य की अनुमति न होने की समस्या बताई थी। कपालमोचन को कुरुक्षेत्र की तर्ज पर विकसित करने, श्रद्धालुओं के ठहरने, शौचालयों व लंगर हाल की व्यवस्था कराने की मांग की थी। अब प्रशासन धार्मिक स्थल में सुविधाओं के लिए मास्टर प्लान तैयार कर रहा है। ये काम हो तो मिलेगी श्रद्धालुओं को सुविधा :
कपालमोचन में तीन पवित्र सरोवर हैं। मेले दौरान ही सरोवर में जल भरा जाता है और सफाई होती है। उसके बाद इनको अपने हाल पर छोड़ दिया जाता है। श्रद्धालुओं की मांग है कि वर्षभर कपालमोचन, ऋणमोचन व सूरजकुंड में जल रहे। इनका सुंदरीकरण किया जाए। सफाई व्यवस्था का दुरुस्त किया जाए। शौचालय न होने के कारण मेले के दिनों में श्रद्धालुओं को बहुत परेशानी होती है। यहां पर कुछ धार्मिक संगठनों की जमीन है। श्राइन बोर्ड के गठन के बाद यहां पर प्राइवेट निर्माण पर पाबंदी है। ये कार्य हैं प्राथमिकता में :
कपालमोचन में पहले चरण पर सरोवरों व मंदिरों का जीर्णोद्धार किया जाएगा। सुंदरीकरण के लिए कार्य किया जाएगा। रोशनी के लिए लाइटें लगाई जाएंगी। शाम होते ही सरोवरों व यहां की सड़कों पर अंधेरा पसर जाता है। शिव चौक से कपालमोचन पर सड़क चौड़ी के बाद डिवाइडर लगवाए जाएंगे। इसी तरह से रणजीतपुर से आदिबद्री की सड़क चौड़ी व डिवाइडर लगाए जाएंगे। इसकी सीएम के ओर से अनुमति मिल चुकी है। कपालमोचन, आदिबद्री नारायण, मंत्रा देवी व केदारनाथ श्राइन बोर्ड की वेबसाइट बनाने के लिए कार्य किया जा रहा है। ये मांग भी है श्रद्धालुओं की :
बिलासपुर-रणजीतपुर सड़क के अलावा कपालमोचन से साढौरा रोड तक नया रिग रोड भी बनाया जाए। क्योंकि मेला के दौरान कपालमोचन में लाखों से अधिक श्रद्धालु आते हैं। लंबा जाम लग जाता है। पंजाब, उत्तर प्रदेश, हिमाचल व अन्य राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को वाहन मेला क्षेत्र से दो किलोमीटर दूर ही खड़े करने पड़ते हैं। आगे का सफर पैदल या आटो में तय करना पड़ता है। रिग रोड बनता है तो श्रद्धालु सीधे में वाहन सहित मेले में आ सकेंगे। मंदिर तक रोपवे बनाने की योजना :
धार्मिक आदिबद्री में भी लाखों श्रद्धालु मेला के दौरान जाते हैं। टूरिज्म स्थल होने के कारण भी सालभर लोगों का यहां आना जाना लगा रहता है। आदिबद्री में ही दो हजार ऊंची चोटी पर माता मंत्रा देवी का मंदिर है। मंदिर तक जाने का रास्ता न होने के कारण श्रद्धालु बिना दर्शन के ही वापस लौट जाते हैं। मंदिर तक रोपवे बनाने की योजना है। आदिबद्री में पानी की कमी को पूरा करने के लिए वहां नए ट्यूबवेल भी लगाने को भी कहा है। डीसी ने सौंपी है पीडब्ल्यूडी को प्लान बनाने की जिम्मेदारी :
डीसी पार्थ गुप्ता ने डिजिटल मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश दिए हैं। यदि अधिकारी अच्छा मास्टर प्लान बनाने में कामयाब हो जाते हैं तो आने वाले कुछ सालों में कपालमोचन मेला में आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की दिक्कत घट जाएगा। नारायणगढ़ पीडब्ल्यूडी के कार्यकारी अभियंता जगबीर सिंह को डिजिटल प्लान बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। डीसी पार्थ गुप्ता संबंधित विभागों के साथ बैठक भी कर चुके हैं।

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